किसानों के लिए खुशखबरी: ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से मिलेगी खेती को नई डिजिटल पहचान, बिचौलियों का खेल होगा खत्म

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रायबरेली : प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जनपद के समस्त किसानों को डिजिटल शक्ति से जोड़ने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों तक पहुँचाना है।
​क्यों जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री?
प्रशासन के अनुसार, किसान भाई अपनी खतौनी और आधार कार्ड के माध्यम से अपनी डिजिटल पहचान (फार्मर रजिस्ट्री) अनिवार्य रूप से बनवाएं। यह पंजीकरण नजदीकी जनसेवा केंद्र, राजकीय कृषि बीज भंडार या ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त कर्मचारियों के माध्यम से कराया जा सकता है। जागरूक किसान स्वयं भी ऑनलाइन माध्यम से इसे पूर्ण कर सकते हैं।
​रजिस्ट्री के मुख्य लाभ और न होने पर नुकसान:
क्र.सं. फार्मर रजिस्ट्री के फायदे रजिस्ट्री न होने पर नुकसान
01 PM किसान निधि: अगली किस्त बिना किसी बाधा के सीधे खाते में आएगी। योजना में बाधा: भविष्य में किस्तों पर रोक लग सकती है।
02 पारदर्शी सब्सिडी: खाद, बीज और यंत्रों की सब्सिडी सीधे DBT के जरिए मिलेगी। खरीद में दिक्कत: सरकारी केंद्रों पर धान व गेहूं बेचने में असुविधा होगी।
03 आसान कृषि ऋण: KCC बनवाने और बैंक ऋण की प्रक्रिया सरल हो जाएगी। मुआवजा मिलने में देरी: दैवीय आपदा या फसल नुकसान पर राहत राशि में कठिनाई।
04 डिजिटल पहचान: बार-बार खतौनी देने की जरूरत नहीं, एक यूनिक आईडी ही काफी। सत्यापन का झंझट: हर योजना के लिए बार-बार फिजिकल वेरिफिकेशन कराना होगा।
​विशेष नोट: पंजीकरण के समय किसान अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि की नवीनतम खतौनी अपने साथ जरूर रखें।
​सरकार की इस डिजिटल पहल से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि खेती-किसानी से जुड़े हर काम में पारदर्शिता आएगी। प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी रजिस्ट्री पूर्ण करा लें ताकि किसी भी सरकारी लाभ से वंचित न रहना पड़े।
​रिपोर्टर: विजय शुक्ला केएनएस लाइव / क्षितिज प्रवाह न्यूज़

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