नेपाल में आई बाढ़ में मृतकों की संख्या 1300 के पार

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Nuwakot: A truck is seen stuck in the mud on a road near a restoration site in Bidur, Nepal, on Aug. 29, 2026, following flash floods earlier this week. (Photo: Yonhap via IANS)

पुलिस के मुताबिक, बरामद 1,344 शवों में 489 पुरुष, 269 महिलाएं, 52 लड़के और 33 लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा 501 शवों के आंशिक अंग भी बरामद किए गए हैं, जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।

4,250 नेपाली और 618 विदेशी लापता

लापता 4,898 लोगों में 4,250 नेपाली नागरिक और 618 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता नेपाली नागरिकों में 2,448 पुरुष और 482 महिलाएं हैं। पुलिस ने बताया कि 1,350 लोगों के लापता होने की जानकारी फोन के जरिए प्राप्त हुई है।

8,631 लोगों का जीवित रेस्क्यू

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 8,631 लोगों को जीवित बचाया गया है। इनमें 7,387 नेपाली और 1,244 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

वहीं, बाढ़ के कारण विस्थापित हुए 3,655 लोगों को फिलहाल विभिन्न होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है।

1,030 शवों का अंतिम प्रबंधन

बरामद शवों में से अब तक 1,030 शवों को जमीन में दफनाकर उनका प्रबंधन किया जा चुका है। मृतकों की पहचान के लिए डीएनए नमूने लेने का काम भी तेज कर दिया गया है।

अब तक 1,260 मृतकों और 972 मृतकों के परिजनों, यानी कुल 2,232 लोगों के डीएनए नमूने एकत्र किए जा चुके हैं।

पुलिस के अनुसार, पहचान नहीं हो पाने वाले 1,270 लोगों का विवरण वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, ताकि उनके परिजन और संबंधित लोग पहचान प्रक्रिया में सहयोग कर सकें।

नेपाल में कब आई थी बाढ़?

नेपाल में 26 अगस्त 2026 को विनाशकारी बाढ़ आई थी। बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लैंगटांग लिरुंग क्षेत्र में आइस-रॉक एवलांच (बर्फ और चट्टान का विशाल हिस्सा ढहना) या ग्लेशियर कोलैप्स से शुरू हुई थी और इससे भोटेकोशी, त्रिशूली और संबंधित नदियों में अचानक भयंकर बाढ़ आई। इससे रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, चितवन, नवलपरासी और अन्य जिलों में भीषण तबाही मची और लोगों की जान गई।

बाढ़ की घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान नेपाल की तरफ केंद्रित किया और नेपाल की मदद के लिए तमाम हाथ आगे आए।

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