नेपाल में तिब्बत से आई नदी भारतकोशी ने मचाई तबाही, 165 की मौत और 1000 लापता; भारत ने भेजी 35 टन राहत सामग्री

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रायबरेली : नेपाल के सीमावर्ती जिलों में तिब्बत की ओर से आई नदी भाटीकोशी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और जलप्रलय से भारी तबाही मच गई है। इस भीषण त्रासदी में अब तक कम से कम 165 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1000 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा के चलते तटीय क्षेत्रों में बने मकान, सड़कें और पुल पूरी तरह से पानी के तेज बहाव में बह गए हैं।
​अचानक मची तबाही, संभलने का नहीं मिला मौका
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, तिब्बत से निकलकर नेपाल में प्रवेश करने वाली भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में अचानक आए उफान और जलस्तर बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा का पूरा इलाका जलमग्न हो गया और गाड़ियां, घर व पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए। प्रभावित इलाकों में संचार और बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है।
​सेना और हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल प्रशासन, नेपाल सेना और पुलिस बल द्वारा बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। दुर्गम और कटे हुए इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद से निरंतर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
​PM नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात,35 टन राहत सामग्री रवाना
इस भीषण मानवीय संकट पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। भारत सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए आपदा से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों के जरिए 35 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाएं नेपाल के लिए रवाना कर दी हैं। भारत की ओर से भेजी गई इस मदद से राहत कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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