WHO द्वारा COVID-19 को महामारी घोषित किया गया है

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चीन के वुहान शहर में उत्पन्न, इस बीमारी के कारण 7000 से अधिक मौतें हुईं और 145 देशों में 1,75,530 से अधिक लोग प्रभावित हुए। कोरोनोवायरस या कोविड -19 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक महामारी घोषित कर दी है, क्योंकि यह वायरस आग की तरह विभिन्न देशों में फैल चुका है। पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ ये घातक वायरस 145 देशों में फैल चुका है। कोरोना वायरस से दुनिया भर में करीब 2 लाख लोग संक्रमित हुए हैं और करीब 8 हजार लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा मौतें चाइना में हुई हैं, हालांकि चाइना में मौत का सिलसिला कम हुआ है। इस वक्त सबसे ज्यादा मार इस वायरस की वजह से इटली झेल रहा है।  
कोरोना वायरस के संक्रमण के सामान्य लक्षणों की बात की जाए संक्रमित व्यक्ति को श्वसन संबंधी लक्षण, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ आदि कठिनाईयां शामिल हैं। अधिक गंभीर मामलों में, संक्रमण निमोनिया, गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम, गुर्दे की विफलता और यहां तक कि मृत्यु का कारण बन सकता है। इस बीमारी से संबंधित दुनिया भर के स्वास्थ्य अपडेट आप यहां देख सकते हैं। टोरेंट 31 मार्च तक बंद रखने की एनआरएआई की सलाह

नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए अपने सदस्यों को 31 मार्च तक या कुछ दिन (जब तक कोरोनावायरस के एक भी नए मामले न दर्ज हुए हों) तक रेस्टोरेंट न खोलने की सलाह दी है। एक बयान में रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने कहा है कि हालांकि इस निर्णय से आर्थिक स्थिति पर खासा असर पड़ेगा, लेकिन अस्थायी रूप से संचालन को बंद करना उनके सदस्यों, कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए लाभकारी साबित होगा।

उन्होंने कहा, “हम एनआरएआई कोरोनोवायरस प्रकोप पर काफी निकटता से नजर रखे हुए हैं। आज हम बहुत ही ज्यादा असमंजस में हैं, क्योंकि हम कुछ कठिन निर्णय लेने पर मजबूर हैं। जो हमारे व्यवसायों पर भारी वित्तीय प्रभाव डालेंगे। लेकिन हम ऐसा इसलिए कर रहें हैं, ताकि हमारी टीमों, हमारे मेहमानों और हमारे समुदायों को मुसीबत से बचाया जा सके।” कोविड-19 बीमारी के लिए जिम्मेदार वायरस, जिसने विश्व स्तर पर 7,000 से अधिक जाने ली हैं, उसके बारे में एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि यह वायरस हवा और जमीन पर कई घंटों तक सक्रिय रहता है। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआइएच) के शोधकर्ताओं ने पाया कि गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोनावायरस-2 (एसएआरएस-सीओवी-2) वातावरण में तीन घंटे तक, तांबे पर चार घंटे तक, कार्डबोर्ड पर 24 घंटे और प्लास्टिक, स्टेनलेस स्टील पर दो-तीन दिन तक सक्रिय रहता है। Posted by Shivanisingh

इस ब्लड ग्रुप के लोगों जल्दी हो सकते है कोरोना वायरस से संक्रमित 
चीन के हुबेई प्रांत जिनइंतान अस्पताल में हुई रिसर्च में नया खुलासा हुआ है। कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित होने में ब्लड ग्रुप A के लोग हैं। वहीं जिनका ब्लड ग्रुप O है उन्हें कोरोना वायरस से खतरा थोड़ा कम है। चीन ने वैज्ञानिकों ने यह अध्ययन वुहान में किया है। वुहान चीन के हुबेई राज्य की राजधानी है। बता दें, पूरी दुनिया में यहीं से कोरोना वायरस कोविड-19 का संक्रमण फैला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिकचीन की ‘टर्मिनेटर ऑफ इबोला’ ने बनाया कोरोना वायरस का टीका, शुरू हुआ परीक्षण

चीन की पहली वैक्‍सीन है तैयार है। इस वैक्सीन को ‘टर्मिनेटर ऑफ इबोला’ नाम से  देश के शीर्ष सैन्‍य जैव-युद्ध विशेषज्ञ ने तैयार किया है। शीर्ष शोधकर्ता चेन वुई ने मंगलवार रात को ऐलान किया कि सरकार ने उन्‍हें टेस्‍ट करने की अनुमति दे दी है। उन्‍होंने सीसीटीवी से कहा, ‘कोरोना वायरस का खात्‍मा करने के लिए वैक्‍सीन सबसे बड़ा हथियार है। अगर चीन इस तरह का हथियार बनाने और हमारी मरीजों को बचाने में सबसे पहले सफल होता है तो यह हमारे देश की छवि और विज्ञान के क्षेत्र में प्र‍गति को दर्शाता है।’ चाइना में हुई रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा A ब्लड ग्रुप वालों को है। वहीं O ब्लड ग्रुप के लोगों को ये खतरा सबसे कम है। चीन की पहली वैक्‍सीन है तैयार है। इस वैक्सीन को ‘टर्मिनेटर ऑफ इबोला’ नाम से  देश के शीर्ष सैन्‍य जैव-युद्ध विशेषज्ञ ने तैयार किया है। शीर्ष शोधकर्ता चेन वुई ने मंगलवार रात को ऐलान किया कि सरकार ने उन्‍हें टेस्‍ट करने की अनुमति दे दी है। उन्‍होंने सीसीटीवी से कहा, ‘कोरोना वायरस का खात्‍मा करने के लिए वैक्‍सीन सबसे बड़ा हथियार है। अगर चीन इस तरह का हथियार बनाने और हमारी मरीजों को बचाने में सबसे पहले सफल होता है तो यह हमारे देश की छवि और विज्ञान के क्षेत्र में प्र‍गति को दर्शाता है।’ चाइना में हुई रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा A ब्लड ग्रुप वालों को है। वहीं O ब्लड ग्रुप के लोगों को ये खतरा सबसे कम है। कितनी बार डॉक्टर अपने हाथ धोते हैं?

चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क ट्विटर हैंडल ने एक वीडियो साझा किया जिसमें दिखाया गया है कि डॉक्टर काम खत्म करके घर जाते वक्त कितनी बार हाथ धोते हैं। जानिए मास्क कब पहनना चाहिए और कब नहीं पहनना चाहिए

बाजार में विभिन्न प्रकार के मेडिकल मास्क उपलब्ध हैं। स्वस्थ व्यक्ति को चिकित्सा मास्क का उपयोग करना चाहिए या नहीं करना चाहिए, यह स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत द्वारा सूचीबद्ध किया गया है।

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