‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के अपकमिंग एपिसोड में नया ड्रामा देखने को मिलेगा

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जब मिहिर इवेंट से अचानक गायब हो जाएगा। वहीं तुलसी की परेशानी कम होने की जगह अब और बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से पूरे परिवार को नुकसान होने वाला है। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ टीआरपी में टॉप 5 में अपनी जगह बनाए हुए है। दर्शकों को कहानी से बंधे रखने के लिए मेकर्स कड़ी मेहनत कर रहे हैं और कुछ नया दिखाने की कोशिश में लगे हैं। अब क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीजन 2 के अपकमिंग एपिसोड में मिहिर और तुलसी के परिवार के बीच जबरदस्त इमोशनल नाटक देखने को मिलने वाला है, जिसका बुरा असर पूरे परिवार पर होगा। कहानी में अब तक आप ने देखा कि कैसे तुलसी अपने परिवार को दुश्मनों से बचाती है, लेकिन घर के अंदर चल रहे नाटक से खुद को नहीं बचा पाती है। दूसरी ओर, देखने को मिलेगा कि मिहिर अचानक से फिर से इवेंट से गायब हो जाता है और तुलसी की चिंता बढ़ जाती है।

करण ने बेटी समायरा पर लुटाया प्यार

शांति निकेतन में सगाई का जश्न विरानी परिवार के लिए खुशियां लेकर आता है, लेकिन एक शॉकिंग मोड़ तब आता है, जब तुलसी परेशान हो जाती है। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के हालिया एपिसोड में इमोशनल पल, परिवार में मतभेद और मिहिर से जुड़ा एक रहस्य भी सामने आने वाला है, जहां सभी एक जरूरी जश्न के लिए इकट्ठा होते हैं। वहीं मिहिर का दूर रहने का फैसला नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाता है। एपिसोड की शुरुआत करण और समायरा के बीच एक इमोशनल बातचीत से होती है। करण अपनी बेटी को गणेश जी की मूर्ति देता है और माता-पिता और बच्चों के बीच के खास रिश्ते के बारे में बात करता है। वह समायरा को याद दिलाता है कि माता-पिता अपने बच्चों से तब भी प्यार करते हैं, जब वे गलतियां करते हैं। उसकी बातों का समायरा पर गहरा असर होता है।

समायरा को हुआ अपनी गलती का एहसास

समायरा इमोशनल हो जाती है, क्योंकि उसे अपनी गलतियों का एहसास होने लगता है। करण की बातचीत से उसे एहसास होगा कि उसके व्यवहार से करण को बहुत दुख पहुंचा है, जो उसकी परवाह करते हैं। वह अपने पिता को गले लगाती है, जिससे पता चलता है कि उनकी बातें आखिरकार उसके दिल तक पहुंच गई हैं। इस बीच, शांति निकेतन में सगाई के जश्न के दौरान खाने को लेकर भी बहस देखने को मिलेगी। दीदी भाई फंक्शन में नॉन-वेज खाना परोसने के लिए कहती हैं। उनकी इस मांग से विरानी परिवार के लोग हैरान रह जाते हैं और उनसे घर के नियमों का सम्मान करने के लिए कहती दिखाई देगी।

मिहिर के गायब होने से बढ़ी चिंता

जश्न का माहौल तब तमाशे में बदल जाता है, जब मिहिर की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बन जाती है। तृप्ति सवाल उठाती है कि मिहिर परिवार के इतने अहम मौके पर क्यों नहीं आया। तुलसी के लिए स्थिति तब और मुश्किल हो जाती है, जब दीदी भाई भी मिहिर के बारे में पूछती हैं। वह जानना चाहती हैं कि तुलसी-मिहिर के बीच क्या हुआ है और वह परिवार से दूर क्यों रह रहे हैं। तुलसी धीरे-धीरे इन बातों को संभालने की कोशिश करती है।

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